खाना प्रिविलेज है, पानी, छत, चाय सब प्रिविलेज हैं इसका हमेशा से एहसास है, जाने कितने लोग हैं जो अभी भूखे हैं, जिन्हें भोजन की आस दी गयी है लेकिन अगला भोजन आयेगा या नहीं पता नहींकितने लोग हैं जिन्हें हम चिल्ला चिल्ला कर कह रहे हैं अबे मूर्ख हाथ धो ले, लेकिन नहीं जानते उसके घर में पानी नहीं, टॉयलेट नहीं, साबुन नहीं मेरा एक और प्रिविलेज है मेरा काम, मानसिक स्वास्थ्य में या लिख पढ़कर थोड़ी जागरूकता में मदद, वही है जो समाज को लौटा सकती हूँ, लौटाती रहूँगी