ऋषिकेश के शिव नगर की छोटी-सी गली में तीसरा मकान गोलू की वजह से काफी मशहूर था। गोलू, नाम से ही लगता है न, एक प्यारा-सा, गोल-मटोल बच्चा। घर का लाड़ला भी था, लेकिन थोड़ी शरारतें करना उसकी आदत में शामिल था। वैसे तो वह अपने सारे काम ठीक से करता था, पर भूगोल उसका कमजोर विषय था।