तुम आए थेजैसे किसी नई पहल की तरह, धीरे से, बिना शोर किए, मेरे दिल में उजाला रख गए।  जहाँ खामोशी थी, वहाँ बातों का मौसम आया, जहाँ डर था, वहाँ यकीन आया। तुम्हारी बातों ने सिख…