होली की सुबह थी। खिली-खिली धूप आँगन में फैल रही थी, और उसके साथ ही सर्द हवाएँ धीरे-धीरे विदा ले रही थीं। रसोई से घी और मावे की मीठी खुशबू उठकर पूरे घर में घुल रही थी, वही खुशबू, जिसका हर साल घर पर सभी इंतजार करते हैं।