बयां करती हूँ में बीते दिनों की कहानी, बिखरे लम्हों में तुम्हारी यादें पुरानी। ख़्वाबों में भी तुम रोज़ आते हो मेरे, देने अपनी बाहों का सहारा।I’m Participating in #BlogchatterA…