आज भी रोज़ की तरह कावेरी अम्मा भोर में उठीं। आसमान हल्का नीला हो रहा था और दूर पहाड़ियों के…
कावेरी के किनारे बसा गाँव कुम्भकोणम हर सुबह जैसे मुस्कुराकर उठता था। नारियल के पेड़ों के बीच से छनकर आती…
पुरी के समुद्र तट पर उस शाम हवा में नमक की एक हल्की सी खुशबू घुली हुई थी। आसमान धीरे-धीरे…
गाँव की धूल भरी पगडंडियों, कच्चे घरों की कतारों और शाम ढलते ही लौटते मवेशियों के बीच एक नाम बहुत…
कृपया प्रतीक्षा करें, आप कतार में हैं….. लाउडस्पीकर की यह ठंडी, मशीन जैसी आवाज़ राघव के कानों में पिछले पैंतालीस…
धर्मपुर गाँव में गौरव को उसके असली नाम से लगभग कोई भी नहीं बुलाता था; अगर आप यह सोच रहे…
वैसे तो राहुल को गर्मी का मौसम बड़ा अच्छा लगता था, क्योंकि ठंडी-ठंडी आइसक्रीम खाने को मिल जाती थी। पर…
आज का दिन नानू के लिए बहुत ख़ास था, सुबह से ही कुछ अलग ही समां घर में दिख रहा…
Participating in the #BlogchatterA2Z Challenge this year was as exciting as it has been over the past few years. This…
“Not everything that is written needs to be published, and not everything published needs to be perfect.” Yes, you read…